Rahul Devashish
Rahul DevashishCourseLiteraturePoetry
31 May 2021·1 min read·

प्यार और घृणा

कभी हमें लोगों की भीड़, अशांत कर देती है, कभी अपनेआप का , अकेलापन ।

कभी अपनों का प्यार, ले डूबता है, कभी अपनों का, घृणित व्यवहार।

कईयों के सहयोग से हम सफल होते है, कई लोग हमें आजीवन सफल होने देना नहीं चाहते।

© राहुल देवाशीष