Rahul Devashish
Rahul DevashishCourseLiteraturePoetry
22 May 2021·1 min read·13·

जग की मानें तो अपनी जान जाती है

जग की मानें तो.. अपनी जान जाती है.. अपनी मानें तो.. जग की जान जाती है..।

जग में भी जीना है.. अपने को भी..जीना है.. अपने-आप में जीते है तो.. अपनों की जान जाती है..।

अंत में, जग के लिये जीते है.. अपनों के लिये जीते है.. तो अपनी जान जाती है ।

© राहुल देवाशीष