मेला
टन-टन,टन-टन बजी घंटियाँ दौड़ा राजा खोला दरवाजा नानाजी ने चीज थमाई जोर-जोर से मुन्नी चिल्लाई मेला घूमने का फरमान सुनाया नानाजी तुरंत हो गए राजी चला मेला चुन्नी-मुन्नी,राजा-रानी नानाजी ने मेले में सर्कस दिखलाया भालू देखकर चुन्नी चिल्लाई मुन्नी ने शांत कराया राजा ने पिस्तौल मोलाया रानी ने चुडियाँ खरीदी नानाजी लेकर आए मिठाई चुन्नी-मुन्नी सबने मिलकर खाई मिठाई।
©अमन कुमार(विक्की)
