मटका
लाल दुपट्टे में लिपटा एक साथी दुबका रहता है घर पर एक कोने में ।
चुपचाप बैठकर मगर का आँसू टपकाए रहता है।
जब कोई मेहमान घर पर दस्तक देता हैं तो मैं, उस मटके का शीतल जल उन्हें पान करा देता हूँ।
©अमन कुमार(विक्की
लाल दुपट्टे में लिपटा एक साथी दुबका रहता है घर पर एक कोने में ।
चुपचाप बैठकर मगर का आँसू टपकाए रहता है।
जब कोई मेहमान घर पर दस्तक देता हैं तो मैं, उस मटके का शीतल जल उन्हें पान करा देता हूँ।
©अमन कुमार(विक्की