Kumar Bhupesh
Kumar BhupeshCourseLiteraturePoetry
3 Feb 2021·1 min read·

सावन आया री

प्रियतम से मिलने की आस मेंहदी रचे दोनों हाथ प्यार का हर्षनाद लिए छुअन की फुहार सावन आया री

मन में उठते तरंग लिए इंद्रधनुषी रंग जैसे चंदा-चकोर लिए स्नेहहिल भोर सावन आया री

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