नींद नहीं आती है
आँखों की पुतलियाँ जब.. एक साथ नहीं ठहर पाती.. तो नींद नहीं आती है..
उमर भर के सफर के यादों को.. मन जब उलटता-पुलटता है.. तो नींद नहीं आती है..
गीली पलकों से झरते झरने.. बीहड़ रातों में.. जब शोर मचाती है.. तो नींद नहीं आती है..
© राहुल देवाशीष
