डियर बाउजी
डियर बाउजी,
यूँ तो हमारी ज़िंदगी से जुड़ा हर सख्स हमारे लिए ख़ास है। पर उन सबमें भी सबसे स्पेशल हैं आप। क्योंकि हमारी ज़िंदगी में आप ही वो पहले सख़्श है जिनकी उँगली पकड़कर हम अपना पहला कदम बढ़ाते हैं। फिर चाहे वो हमारे नन्हे पाँवों से लिया हुआ जीवन का पहला कदम हो या सामाजिक, पारिवारिक जीवन का पहला कदम।
आपका होना जीवन के हर मोड़ पर किसी ऐसे हाथ का होना है जो हमें गिरने से पहले ही संभाल लेता है। आपका होना हर नई शुरुआत पर किसी ऐसे कांधे का होना है जो हममें आगे बढ़ते रहने का हौसला भरता है। मैनें हमेशा आपको अपनी ख़्वाहिशों के ऊपर हमारी ख़्वाहिशों को तवज्जों देते हुए देखा है। अपनी जरूरतों की बजाय हमारी जरूरतों को पूरा करते हुए देखा है।
दरअसल जीवन में पिता का होना उस वृक्ष के होने के जैसा है जिसकी शाखों पर हमारे जीवन की सम्पूर्ण समस्या से बचाने वाली समाधान रूपी फल होते हैं। जिनके कठोर से दिखने वाले व्यक्तित्व के दूसरे पहलू में हमारे उज्ज्वल भविष्य की चिंता और प्यार भरा समर्पण दिखता है। हम अक्सर हर रिश्ते की अहमियत की बात करते हुए पिता की अहमियत को या तो भूल जाते हैं या उनसे कहने की हिम्मत नहीं पाते की वो कितने खास हैं।
मैनें आपको मुश्किल से मुश्किल से क्षणों में भी शायद ही कभी घबराते या धैर्य खोते हुए देखा है। वो कहावत तो सुनी ही होगी आपनें की जब बेटे के पैरों में पिता का चप्पल फिट होने लगे तो दोनों का रिश्ता पिता-पुत्र के बजाय एक दोस्त का बन जाता है। मेरे जीवन में जब ये दौर आया तो हमलोग कितने मित्रवत हो पाए ये आप ही बेहतर बता पाएंगे। मेरे लिए तो खास बात ये रही कि मैनें जीवन के इस पड़ाव में आकर ही आपको और आपके त्याग और संघर्ष को क़रीब से जाना समझा।
हम सबकी ज़िंदगी में बाउजी ही वो सख़्श होते हैं जो हमें हमारी अहमियत हमारी ख़ासियत से हमारा परिचय करवाते हैं। वो इस उम्मीद पर पूरे जीवन भर अपनी ख़्वाहिशों, अपनी खुशियों का दमन करते रहते हैं ताकि हमारे चेहरे पर मुस्कुराहटों का बसेरा होता रहे। ...और इन सबमें में वो इस क़दर रम जाते हैं कि भूल जाते हैं, जरूरतें तो उनकी भी है। कितना ही कुछ है कहने को बाउजी के इस अनकंडीशनल लव के ऊपर। पर जितना कहूँ, जितना भी लिखूँ सब कम होगा बाउजी के उस त्याग, अपनत्व और संस्कार के बदले जो एक पिता अपने बच्चे को देते हैं।
कोई कितना भी किताबी और सामाजिक ज्ञान प्राप्त कर ले। पर जो सीख उसे अपने पिता से प्राप्त होता है वो उसे कोई और नहीं दे सकता। आपके इस समर्पण के लिए शब्द नहीं है मेरे पास बाउजी सिवाए इन चंद शब्दों के "हैप्पी फादर्स डे पापा" आपका प्यार, साथ और आशीर्वाद हमेशा बना रहे।
#fathersday #letter #unpostedletter © Mausam Jaiswal
