हथेलियों में छिपी किस्मत
हथेलियों को तापो, गर्मी दे जाती, संपूर्ण देह को।
हथेली सब कहती है, इनकी लकीरें में। दफ़न है राज,मानो।
छुपी है किस्मत, इन हथेलियों में सब। स्वास्थ्य के राज सभी है, इनके सूक्ष्म बिंदुओं में।
जीवन ऊर्जा का राज छिपा है,पंचतत्व में। प्रकृति के पांच तत्व का संतुलन कर, धारण हो संपूर्ण स्वास्थ्य को।
हथेलियों के तालमेल अंगुलियों की मुद्रायें , इंगित करती है पंचतत्वों के संतुलन को।
स्वास्थ्य का राज खोलती, सुबह की सैर, बिना अहम की चाल, सूर्य की आभा का टकटकी एवम् योगाभ्यास।
जीवन मे उतारो योग विद्या को जो सभी शास्त्रो का स्रोत, जीवन का सार। ईश्वर का ध्यान, जीवनशैली ऐसी हो योगमय, जीवन दर्शन हो जाए।
©#मिथिलेश कुमार
