Kauntey Kumar
Kauntey KumarCourseLiteraturePoetry
3 Feb 2021·1 min read·1·

बहुत हो गई, मन की बात

बहुत हो गई, मन की बात इसकी भी कर लो, कुछ बात बेरोजगार पड़े है, युवा वर्ग बहुत हो चुका, कौशल की बात

भटक रहे है, कुशल युवा अब तो कर लो, काम की बात इसकी भी कर लो, कुछ बात देश जल रहा है, जाति-धर्म के नाम पर गरीब मर रहा है, सरकारी तंत्र के काम पर अब तो कर लो, काम की बात

इसकी भी कर लो, कुछ बात बात चल रही है, भ्रष्ट्राचार मुक्त भारत की हो रही है, भ्रष्ट्राचार हरेक घर के अंदर अब तो कर लो, काम की बात

बहुत हो चुका है,राजनीति बहुत हो चुका है ,दिखावा कब निभाओगे, अपना धर्म अब तो कर लो, काम की बात बहुत हो गई,मन की बात