Akarshit Maurya
Akarshit MauryaCourseLiteraturePoetry
3 Feb 2021·1 min read·

अभी बच्चा हूँ मैं

अपना बना लो हे गुरुवर, दिल का सच्चा हूँ मैं। क्षमा कर देना मेरी गलतियों को, अभी अबोध बच्चा हूँ मैं॥

द्वापर के श्याम व, त्रेता के श्री राम हैं गुरुवर। वानर बना लो अपनी सेना का, सेतु बनाने में अच्छा हूँ मैं॥

हर्षोल्लास से आप्लावित करने वाले, अनुपम स्नेह हैं गुरूवर। भावनाशील बनाना हे गुरुवर, अभी दिल का कच्चा हूँ मैं॥

धर्म का रथ चलाने वाले, सबके तारन हार हैं गुरुवर। इसी रथ का पहिया बनना है, मन मे लिये ऐसी शुभेच्छा हूँ मैं॥

एकता,ममता,समता और शुचिता के मूर्तरूप हैं गुरूवर। आप ही के काजों को पूरे कल्ब से पूरा करने वाला, बच्चा हूँ मैं॥ Alive words of Akarshit.

©#आकर्षित मौर्य