Kumar Bhupesh
Kumar BhupeshCourseLiteraturePoetry
3 Feb 2021·1 min read·13·

फरमान

सरकार क्या तुम्हारी हर दरबार तुम्हारा हैं ! चाहे लूट लो जैसे भी क्या हर माल तुम्हारा हैं ?

ख़्वाबों से सिंचित ये दालान तुम्हारा हैं ! चाहे तोड़ दो जैसे भी ये कैसा अरमान तुम्हारा हैं ? <!--more-- साधा ध्यान बहुत हैं सबने फिर क्यूँ जिद्द तुम्हारा हैं ! करो कूच की अब तैयारी ये कैसा फरमान तुम्हारा हैं ?

©#कुमार