किसान सड़क पर
खेती वाले लोग हैं आज सड़क पर ठंढ में भी ठंडे पानी से अकड़ कर !
आप तो लिहाफ़ में ऐंठे हैं दुबक कर वो आज भी तंबू में बैठे हैं सिकुड़ कर !
सिर्फ़ चुनाव में दिखते हो दरक पर फिर तुम महल और हम सड़क पर ! <!--more-- आपका अहं हैं ग्लेशियर शिखर पर क्यूँ बैठे हो भला यूँ जिद्द पकड़ कर !
©#कुमार
