Kumar Bhupesh
Kumar BhupeshCourseLiteraturePoetry
3 Feb 2021·1 min read·1·

किसान सड़क पर

खेती वाले लोग हैं आज सड़क पर ठंढ में भी ठंडे पानी से अकड़ कर !

आप तो लिहाफ़ में ऐंठे हैं दुबक कर वो आज भी तंबू में बैठे हैं सिकुड़ कर !

सिर्फ़ चुनाव में दिखते हो दरक पर फिर तुम महल और हम सड़क पर ! <!--more-- आपका अहं हैं ग्लेशियर शिखर पर क्यूँ बैठे हो भला यूँ जिद्द पकड़ कर !

©#कुमार