हिन्दी भाषा
हमारी अखण्डता, एकता, सभ्यता , संस्कृति के महिमा गान की भाषा भारतीय वसुंधरा के आत्मसम्मान की भाषा मनु पुत्रों के गौरव व्याख्यान की भाषा ।
दुनियाँ में फतह करनेवाले वीरों के सम्मान की भाषा राम, कृष्ण , बुद्ध आदि के गुणगान की भाषा विवेकानंद के स्वाभिमान की भाषा हर वक्त मन में जगाये अभिलाषा ।
जब-जब हमें घेरे हताशा दिलाती ये हमें दिलाशा अन्तर्मन में क्षण-क्षण करे प्रज्वलित नई उम्मीद नई आशा ।
यह भाषा यथार्थवादी , इसने व्योममण्डल में अपनी प्रकाश फैला दी ।
यह रामचंद्र के गुणगान की भाषा तुलसी के मधुर गान की भाषा कृष्ण के महिमा बखान की भाषा सूरदास के कल्याण की भाषा ।
प्रसाद,पंत ,निराला, बोध, दिनकर के राष्ट्रीय गौरवगान की भाषा रहीम, कबीर के ऐलान की भाषा नागार्जुन के ग्रामीणगान की भाषा ।
गरीबों के पहचान की भाषा महादेवी और सुभद्राकुमारी चौहान की भाषा भारतेन्दु के उल्लास की भाषा शुक्ल के इतिहास की भाषा ।
हम सबके विश्वास और सत प्रकाश की भाषा बिस्मिल्ला खाँ के शहनाई के पहचान की भाषा हजारों कवियों के बलिदान , अनुसन्धान की भाषा तमस, पुनर्नवा , झूठा सच और गोदान की भाषा।
बिहारी के नीति गान की भाषा मैथिल कोकिल के गंगा-स्तुति के तान की भाषा पंचतन्त्र , माँ, ढहते विश्वास के सामाजिक पहचान की भाषा
यह प्यार, सत्कार, संस्कार, सद्व्यवहार, प्रतिकार हुंकार की भाषा हिंदी है हर सरकार की भाषा विश्व में अब बन रही यह नई उड़ान की भाषा
आओ बनायें मिलकर इसे वसुंधरा के प्रथम स्थान की भाषा
©#सतीश
