हिडेन हंगर :मॉडर्न लाईफ़स्टाईल का नतीजा
हिडेन हंगर क्या है और इससे पीड़ित कौन है?
अपनी बात शुरू करने के पहले मैं हिडन हंगर के बारे में आपको बता देता हूँ।हिडेन हंगर में व्यक्ति को खाना तो मिलता है लेकिन पोषक तत्वों वाला खाना नहीं मिलता है.व्यक्ति कुछ खाकर सो लेता है या रह लेता है,जैसे-कोई फ़ास्ट फ़ूड खा लिया,एक कप चाय पीकर रह गया,इत्यादि।हंगर में व्यक्ति को खाना ही नहीं मिलता है,भूखे सोना पड़ता है या भूखे रहना पड़ता है.अब आप अंदाज लगा सकते है कि हिडेन हंगर का शिकार कौन होगा-शहर में रहने वाला या गांव में रहने वाला?आप बिल्कुल सही है;शहरी क्षेत्र के 73 प्रतिशत लोग हिडेन हंगर के मरीज है;ऐसा पिछले दिनों प्रकाशित इंडियन मार्केट रिसर्च ब्यूरो के सर्वे में ज्ञात हुआ है.
इस रिपोर्ट में प्रोटीन की कमी पाई गयी है.कारण क्या है?शहर की दिनचर्या फ़ास्ट है.जो लोग जॉब में है या जिनकी बिजनेस लाइफ काफी भागदौड़ वाली है या जो बैचलर या न्यूक्लियर लाइफ जी रहे हैं उन्हें खाना बनाने का वक़्त नहीं मिल पाता।आर्थिक कारण की वजह से वे खाना पकाने वाली दाई भी नहीं रख पाते।कुछ लोग को फ़ास्ट फ़ूड खाने का शौक होता है.कुछ लोग इसे अपनी गरिमा के अनुरूप मानते इस तरह के कई कारण हो सकते है.
सरकार क्या कर रही है?
सरकार Bio-Fortification पर काम कर रही है.ऐसे फसल विकसित किये जा रहे है जिसमें कई फसलों के पोषक तत्व मौजूद रहेंगे।जेनेटिक इंजीनियरिंग से ऐसा किया रहा है.जैसे-गोल्डन राईस।हमें क्या करना चाहिये?फ़ास्ट फ़ूड न खायें। थोड़ा कम सोयें,कम मनोरंजन करें लेकिन अपने से पकाकर खाना खायें।हरी सब्जी लें फ्रूट्स लें।
