बहुत दूर जाना है
इन आँधियों से तुझे तूफां बनकर टकराना है फैला अपने पँखों को मत रोक अपनी उड़ान को अभी तो बहुत दूर जाना है
तेरा मनोबल ही है तेरा सबसे बड़ा सहारा कोई नहीं निभाता यहां साथ मुश्किलों में अपना साथ तुझे स्वयं ही निभाना है
फैला अपने पँखों को, मत रोक अपनी उड़ान को अभी तो बहुत दूर जाना है ..
©#आदर्श मौर्य
