
अरमानों का दफन
सूरज की रोशनी, जब मद्धम होती है, ऑफिस की प्रेशर, कुछ कम होती है, देह मे थकन,और लवों पे सिकन ...
सूरज की रोशनी, जब मद्धम होती है, ऑफिस की प्रेशर, कुछ कम होती है, देह मे थकन,और लवों पे सिकन होती है… इस कंडीशन में,जब उनसे अनबन होती है,तो मेरी आँखें भी, नम होती है, अरमानों का दफन,और सिने में जलन होती है।
© राहुल देवाशीष