Rahul Devashish
Rahul DevashishCourseMusicVocal
23 Dec 2025·1 min read·

baro re barishwa se

बारह रे बरिसवा से, दर तोरे अइली, फल-फूल अरु.. नरियलवा चढ़इली, तबो ना भवानी मोहे जुगती लगैली, सोची-सोची अखिया लोराइल हो काहे दिहलू मोहे बिस राइल हो काहे दिहलू मोहे बिस राइल हो अरे बारह रे बरिसवा से, दर तोरे अइली, काहे दिहलू मोहे बिस राइल हो

पढ़त पढ़त मैया कटले जवनिया अखियो से कबो नैखे सुखत रहै पनिया कैसे के मूहमा दिखाईब हो सोची-सोची अखिया लोराइल हो अरे बारह रे बरिसवा से, दर तोरे अइली, काहे दिहलू मोहे बिस राइल हो

खेत बिकल , घरो नैखल बहिनों जवान होखल खेत बिकल , घरो नैखल बहिनों जवान होखल छोटका के कैसे पढ़ाईल हो सोची-सोची अखिया लोराइल हो काहे दिहलू मोहे बिस राइल हो अरे बारह रे बरिसवा से, दर तोरे अइली, काहे दिहलू मोहे बिस राइल हो काहे दिहलू मोहे बिस राइल हो

दया करो मोरी मैया हमरो के दिहु छाया दया करो मोरी मैया हमरो के दिहु छाया हमरो के रहिया चढ़ाऊ हो... हमरो के रहिया दिखऊ हो... काहे दिहलू मोहे बिस राइल हो दिहु हमर भागीया जगाईल हो

बारह रे बरिसवा से, दर तोरे अइली, फल-फूल अरु नरियलवा चढ़इली, तबो ना भवानी मोहे जुगती लगैली, सोची-सोची अखिया लोराइल हो काहे दिहलू मोहे बिस राइल हो अरे बारह रे बरिसवा से, दर तोरे अइली, काहे दिहलू मोहे बिस राइल हो दिहु हमर भागीया जगाईल हो छोटका क कइसन पढ़ाईल हो कैसे के मुँहमा दिखाईब हो भगता के रहिया चढ़ाऊ हो...